डिजिटल - बालोद

निर्माण बालोद पोर्टल

आगे बढ़े
मुख्यमंत्री

श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़

पंचायत मंत्री

श्री विजय शर्मा

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री

जिला कलेक्टर

श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, IAS

कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी, बालोद

CEO जिला पंचायत

श्री सुनील कुमार चंद्रवंशी

मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत बालोद

Leaders
परिचय

निर्माण बालोद को जानें

  • बालोद जिला प्रशासन द्वारा एक अग्रणी पहल।

  • शासन को डिजिटाइज़ करता है और प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए सरकारी योजनाओं को एकीकृत करता है।

  • डिजिटल इंडिया इनिशिएटिव और 'सबका साथ , सबका विकास, सबका विश्वास' के सिद्धांतों के साथ संरेखित करता है

निर्माण बालोद संबंधी

निर्माण बालोद पोर्टल जिला प्रशासन की एक अनोखी पहल है, जिसका उद्देश्य जिले का डिजिटलीकरण और सशक्तिकरण करना है।यह पोर्टल जिले कि जनसंख्या को जोड़कर, योजना निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करता है और उन्हें वास्तविक समय में डेटा तक पहुंच प्रदान करता है। साथ ही, यह पोर्टल निम्न सुविधाएं प्रदान करता है: परियोजनाओं पर निगरानी: प्रारंभिक प्रस्ताव से लेकर स्वीकृतियों, कार्यान्वयन और अंतिम रिपोर्टिंग तक परियोजनाओं की निगरानी करता है। जियो-टैग्ड दस्तावेजीकरण: फ़ील्ड टीम प्रत्येक चरण में जियो-टैग्ड फोटो और इंजीनियरों की टिप्पणियां अपलोड करती है। विज़ुअल स्टेटस इंडिकेटर: GIS मानचित्रों पर रंग कोड (जैसे, प्रस्तावित के लिए पीला, चल रहे के लिए हरा, और पूर्ण के लिए नीला) के माध्यम से परियोजनाओं को दर्शाया जाता है। केंद्रीकृत डैशबोर्ड: विभिन्न विभागों से डेटा को एकत्रित करता है, जिससे मैन्युअल हस्तक्षेप कम होता है और निर्णय लेने की प्रक्रिया सुगम होती है। यह पोर्टल डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने, प्रक्रियाओं को तकनीक के माध्यम से डिजिटल करने, पारदर्शिता बढ़ाने और साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने में मदद करता है।

बालोद जिला - जिले के बारे में
छत्तीसगढ़  ·  जिला परिचय

बालोद जिला

तान्दुला नदी के तट पर बसा यह शहर, 1 जनवरी 2012 को दुर्ग जिले से अलग होकर छत्तीसगढ़ का 27वां जिला बना। कृषि, खनिज एवं प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण यह जिला अपनी समृद्ध विरासत के लिए जाना जाता है।

20.73°N, 80.2°E स्थापना: 1 जनवरी 2012 324 मीटर ऊंचाई जनसंख्या 8,26,165 27वां जिला तान्दुला नदी तट
3,52,700
हेक्टेयर कुल क्षेत्रफल
44 किमी
धमतरी से दूरी
58 किमी
दुर्ग से दूरी
78%
खनिज से राजस्व
5
विकासखंड (ब्लॉक)
7
तहसीलें
3 डैम
सिंचाई के मुख्य स्रोत

विस्तृत जानकारी

भौगोलिक स्थिति
Location & Geography
  • तान्दुला नदी के तट पर स्थित जिला मुख्यालय
  • समुद्र तल से 324 मीटर (1063 फीट) की ऊंचाई
  • छत्तीसगढ़ के केंद्र में अवस्थित
  • धमतरी से 44 किमी, दुर्ग से 58 किमी
20.73° उत्तरी अक्षांश 80.2° पूर्वी देशांतर
कृषि एवं उपज
Agriculture & Produce
  • धान, चना, गन्ना एवं गेहूं की प्रमुख खेती
  • कृषि उत्पाद के क्षेत्र में असीम सामर्थ्य
  • लौह अयस्क का महत्वपूर्ण उत्पादन
  • वन, जल एवं खनिज संसाधनों से सम्पन्न
सिंचाई के स्रोत
Irrigation Sources
  • तान्दुला डैम — 1912 में निर्मित, मुख्य स्रोत
  • खरखरा डैम — द्वितीय प्रमुख जलाशय
  • गोंदली डैम — तृतीय सिंचाई स्रोत
  • तान्दुला जलाशय आदमाबाद के समीप स्थित
प्रशासनिक विवरण
Administrative Details
  • 1 जनवरी 2012 को आधिकारिक जिला मुख्यालय बना
  • दुर्ग जिले से अलग होकर 27वां जिला बना
  • 5 विकासखंड एवं 7 तहसीलें
  • 2001 की जनगणना: जनसंख्या 8,26,165

प्रमुख आकर्षण एवं स्थल

तान्दुला बांध
पर्यटन स्थल · 1912 में निर्मित
गंगामैया मंदिर
धार्मिक स्थल · झालमाला
सियादेवी मंदिर
धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थल
तान्दुला जलाशय
प्राकृतिक स्थल · आदमाबाद
वन संसाधन क्षेत्र
प्राकृतिक वन एवं जैव विविधता

बालोद — प्राकृतिक सम्पदा से सम्पन्न जिला

कृषि, खनिज, वन एवं जल — चारों संसाधनों का अनूठा संगम

1912
तान्दुला डैम वर्ष
27वां
छत्तीसगढ़ जिला
3,52,700
हेक्टेयर क्षेत्र
8.26 L
जनसंख्या

जिले के बारे में

बालोद शहर तान्दुला नदी के तट पर बसा है, जो आधिकारिक रूप से 1 जनवरी 2012 से जिला मुख्यालय का दर्जा प्राप्त कर चुका है। जिला मुख्यालय बालोद, तान्दुला (आदमाबाद) डैम के समीप है, जो सूखा एवं तान्दुला नदी पर 1912 में विकसित किया गया था। बालोद जिला धान, चना, गन्ना एवं गेहूं जैसे उपज के लिए जाना जाता है। जिले के तान्दुला, खरखरा एवं गोंदली डैम कृषि कार्य में सिंचाई के श्रोत हैं।

प्रमुख संसाधन

  • धान (चावल) प्रमुख फसल
  • लौह अयस्क खनिज
  • वन सम्पदा प्राकृतिक
  • जल संसाधन 3 जलाशय
  • गन्ना / गेहूं द्वितीयक फसल